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Remedial Measures for Rahu as per Lal Kitab | Lal Kitab Rahu Upay

राहु के उपाय: लाल किताब के अनुसार हर भाव की पूरी जानकारी

लाल किताब में राहु को छाया ग्रह कहा गया है, फिर भी इसका असर बाकी ग्रहों जितना ही गहरा माना जाता है। कुंडली में राहु जिस भाव में बैठता है, वहां अचानक उलझन, भ्रम या देरी पैदा करता है। यही वजह है कि हर भाव के लिए अलग उपाय बताए गए हैं। इस लेख में सभी बारह भावों के राहु उपाय दिए गए हैं, साथ में यह भी समझाया गया है कि हर उपाय के पीछे सोच क्या है। सतीश चंद्र भट्ट के अनुभव और लाल किताब की पुरानी परंपरा दोनों से यह जानकारी ली गई है, और कई लोगों ने बताया है कि इनमें से कुछ उपाय अपनाने के बाद उन्हें अपने हालात में फर्क महसूस हुआ।

पहले भाव में राहु के उपाय

पहला भाव व्यक्ति के शरीर और पूरी पहचान का भाव है। राहु यहां हो तो स्वभाव में उलझन, बार-बार बीमार पड़ना या मन की बेचैनी देखने को मिलती है।

  • 400 ग्राम या 4 किलो सिक्के नदी या बहते पानी में बहाएं।
  • पैसों की तंगी या खराब सेहत के समय बिल्ली की जेर को तांबे रंग के कपड़े में बांधकर अपने पास रखें।
  • काले और नीले कपड़े न पहनें।
  • गले में चांदी पहनें।
  • नारियल को नदी या बहते पानी में बहाएं।
  • चंद्रमा के उपाय आपके लिए फायदेमंद रहेंगे।
  • एक किलो जौ को 4 किलो दूध से धोकर बहते पानी में बहाएं।
  • गेहूं, गुड़ और तांबा दान करना लाभकारी रहेगा।
  • दूध से स्नान करें।
  • घर की छत या बरामदे में आग न जलाएं।
  • मूली दान करना भी अच्छा रहेगा।
  • पत्थर या कोयला पानी में बहाएं।
  • सूर्योदय के बाद पक्षियों को दाना खिलाएं।
  • घर या बरामदे में धुआं न होने दें।

पहले भाव का राहु व्यक्ति के आत्मविश्वास और सेहत दोनों को हिला देता है, इसलिए दूध और चांदी जैसी ठंडी और शुद्ध चीजों से जुड़े उपाय ज्यादा हैं, ये मन को शांत करने के लिए बताए गए हैं। कई लोग कहते हैं कि जब उन्होंने काले-नीले कपड़ों से दूरी बनाई और सिक्के बहाने का उपाय किया, तो उनका मन पहले से हल्का महसूस हुआ।

दूसरे भाव में राहु के उपाय

दूसरा भाव धन, परिवार और वाणी का भाव है। यहां राहु हो तो बोलने में तीखापन आ सकता है और पैसा हाथ में टिकता नहीं।

  • हाथी के पैरों की मिट्टी कुएं में डालें।
  • चांदी, सोना या केसर की एक ठोस गोली चांदी के डिब्बे में रखकर अपने पास रखें।
  • दहेज में इलेक्ट्रॉनिक सामान न लें।
  • मां के साथ अच्छे रिश्ते रखें और उनका ख्याल रखें।
  • अगर बेटे को कोई तकलीफ हो, तो उसके वजन के बराबर जौ या सरसों पानी में बहाएं।
  • केसर या हल्दी का तिलक लगाना भी फायदेमंद रहेगा।
  • सोने के गहने पहनें।
  • घर के उत्तर-पश्चिम हिस्से में पानी या चांदी रखें।
  • वंचित और उपेक्षित लोगों का ख्याल रखें।

दूसरा भाव धन और घर की बुनियाद है, इसलिए यहां मिट्टी, चांदी और सोने से जुड़े उपाय बताए गए हैं ताकि पैसे का बहाव बना रहे। मां से जुड़े रिश्ते का जिक्र इसलिए बार-बार आता है क्योंकि यह भाव परिवार की नींव भी दिखाता है, और जिन लोगों ने अपनी मां का खास ख्याल रखना शुरू किया, उन्होंने घर में शांति बढ़ने की बात कही है।

तीसरे भाव में राहु के उपाय

तीसरा भाव साहस, भाई-बहन और अपनी मेहनत का भाव है। राहु यहां हो तो साहस तो बढ़ता है, लेकिन झूठ बोलने या परिवार से दूर रहने की प्रवृत्ति भी आ सकती है।

  • हाथी दांत से बनी चीजें अपने पास न रखें।
  • चांदी के गहने पहनें या अपने पास रखें।
  • कन्यादान करना शुभ रहेगा।
  • सरसों, तंबाकू आदि का दान करें।
  • परिवार से अलग होकर न रहें।
  • सूर्योदय के बाद पक्षियों को दाना खिलाएं।
  • झूठी गवाही न दें।
  • पीपल का पेड़ लगाएं।

इस भाव का सीधा जुड़ाव भाई-बहन और परिवार के साथ के जीवन से है, इसी वजह से परिवार से अलग न रहने और झूठी गवाही न देने पर जोर दिया गया है। हाथी दांत से दूरी बनाने की सलाह भी इसलिए है क्योंकि यह चीज घर में अशांति और झूठ बढ़ाने वाली मानी जाती है।

चौथे भाव में राहु के उपाय

चौथा भाव मां, घर और मन की शांति का भाव है। यहां राहु हो तो घर में सुकून कम रहता है और नींव कमजोर मानी जाती है।

  • चांदी पहनें।
  • लगातार 7 बुधवार, 400 ग्राम या 1 किलो धनिया पानी में बहाएं।
  • हरिद्वार में गंगा स्नान करें।
  • घर के अंदर गंदा पानी जमा न होने दें।
  • रसोई घर छत या ऊपरी मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों के ठीक नीचे न बनाएं।
  • घर पूरा एक साथ बनवाएं, हिस्सों में नहीं।
  • छत पर कोयला जैसा ईंधन न रखें।
  • मां सरस्वती की पूजा करें।
  • अकीक पहनें।
  • तंबाकू का सेवन न करें।
  • घर या बरामदे में धुआं न होने दें।
  • झूठी गवाही न बनें।

घर की बुनियाद और पानी का सीधा संबंध चौथे भाव से माना जाता है, इसलिए यहां गंदे पानी और सीढ़ियों की बनावट को लेकर खास सावधानी बताई गई है। जिन लोगों ने घर एक साथ बनवाया, हिस्सों में नहीं, उन्होंने घर में स्थिरता बेहतर होने की बात साझा की है।

पांचवें भाव में राहु के उपाय

पांचवां भाव संतान, बुद्धि और वैवाहिक जीवन की गहराई का भाव है। राहु यहां हो तो रिश्तों में भ्रम और संतान सुख में देरी हो सकती है।

  • घर में चांदी का हाथी रखें।
  • मांसाहारी भोजन और शराब से दूर रहें।
  • रात में पत्नी के पास 5 मूलियां रखें और सुबह मंदिर में दान करें।
  • बच्चों की खुशहाली के लिए घर की सीढ़ी के नीचे चांदी की ईंट दबाएं।
  • अपना आचरण साफ रखें।
  • दूसरी शादी करने से बचें।
  • अपनी पत्नी से दोबारा विवाह करें।
  • दहेज में इलेक्ट्रिक सामान, नीले रंग का कपड़ा या स्टील के बर्तन न लें।
  • कन्यादान करना शुभ रहेगा।
  • सरसों, तंबाकू आदि दान करें।
  • परिवार से अलग होकर न रहें।

पांचवां भाव प्रेम और वैवाहिक रिश्ते की गहराई को भी दिखाता है, इसलिए दोबारा विवाह जैसी रस्म का जिक्र यहां आता है, इसका मतलब पति-पत्नी के बीच के बंधन को फिर से मजबूत करना है। जिन दंपतियों ने यह रस्म निभाई, उन्होंने अपने रिश्ते में पहले से बेहतर समझ आने की बात कही है।

छठे भाव में राहु के उपाय

छठा भाव सेवा, दुश्मनी और रोजमर्रा की मुश्किलों का भाव है। राहु यहां अक्सर मेहनत का फल तो देता है, पर आंखों और भाई-बहनों के रिश्ते पर असर डाल सकता है।

  • भूरा या काला कुत्ता पालना बहुत फायदेमंद रहेगा।
  • चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें।
  • काला चश्मा पहनें।
  • मां सरस्वती की मूर्ति के चरणों में लगातार 6 दिन नीले फूल रखें।
  • भाई-बहनों से झगड़ा न करें।
  • घर की सभी खिड़कियों पर काले शीशे लगवाएं।
  • मां सरस्वती की पूजा करें।
  • झूठी गवाही न बनें।
  • ससुराल वालों से अच्छे रिश्ते रखें।

छठा भाव आंखों और रोजमर्रा की मेहनत से जुड़ा माना जाता है, इसी वजह से काला चश्मा पहनने और खिड़कियों पर काले शीशे लगाने की सलाह दी जाती है। भाई-बहनों के साथ झगड़ा न करने की बात भी यहां इसलिए है क्योंकि यह भाव पारिवारिक प्रतिस्पर्धा को भी दिखाता है।

सातवें भाव में राहु के उपाय

सातवां भाव विवाह और जीवनसाथी का भाव है। राहु यहां हो तो पति-पत्नी के बीच गलतफहमी या पत्नी की सेहत को लेकर दिक्कत आ सकती है।

  • पत्नी को परेशानी हो तो घर में चांदी की ईंट रखें।
  • शनिवार को नारियल या बादाम बहते पानी में बहाएं।
  • शादी के समय पत्नी के पिता से शुद्ध चांदी लेकर पत्नी को दें और जीवनभर संभालकर रखें।
  • एक बोतल में गंगाजल भरकर सील करें, उसमें चांदी का एक चौकोर टुकड़ा भी डालें। पानी सूखे तो सील तोड़कर दोबारा भरें और फिर सील कर दें।
  • अगर विवाह 21 साल की उम्र से पहले हुआ हो, तो गंगाजल और चांदी का चौकोर टुकड़ा भरा चांदी का कटोरा रखें, और इसी तरह का एक कटोरा पत्नी के पास किसी सुरक्षित जगह या पूजा स्थान पर रखें।
  • घर में कुत्ता न पालें।
  • नीले कपड़े न पहनें।
  • दहेज में इलेक्ट्रिक सामान, नीले कपड़े और स्टील के बर्तन लें।
  • मूली दान करें।
  • कोयला पानी में बहाएं।
  • पक्षियों को दाना खिलाएं।
  • घर या बरामदे में धुआं न होने दें।

सातवें भाव के राहु उपायों में चांदी और गंगाजल बार-बार आते हैं क्योंकि यह भाव पति-पत्नी के बीच के भरोसे को दिखाता है, और चांदी को उस भरोसे को थामे रखने वाली चीज माना जाता है। कई दंपतियों ने बताया है कि गंगाजल वाली बोतल घर में रखने के बाद उनके बीच की छोटी-मोटी बहसें कम हुई हैं।

आठवें भाव में राहु के उपाय

आठवां भाव अचानक होने वाली घटनाओं और गहरी उथल-पुथल का भाव है। राहु यहां हो तो सेहत में अचानक गिरावट या घर से जुड़ी अनजानी परेशानियां आ सकती हैं।

  • शनिवार को अपने वजन के बराबर कोयला पानी में बहाएं।
  • लगातार 43 दिन मंदिर में 8 बादाम चढ़ाएं, 4 अपने पास रखें और बाकी बहते पानी में बहा दें।
  • 4 किलो सिक्के और 8 नारियल बहते पानी में बहाएं।
  • घर की छत न बदलवाएं, अगर बदलना जरूरी हो तो पुरानी सामग्री को नई सामग्री के साथ जरूर इस्तेमाल करें।
  • बुखार न उतर रहा हो तो 800 ग्राम या 8 किलो जौ गौमूत्र में धोकर पानी में बहाएं।
  • घर के आसपास भूनने वाला भट्ठा हो तो उसमें तांबे का सिक्का डालें।
  • चांदी का एक चौकोर टुकड़ा अपने पास रखें।
  • सोते समय तकिए के नीचे सौंफ रखें।
  • बिजली से जुड़े किसी भी काम में हाथ न डालें।
  • 42 साल की उम्र तक 8 सिक्के पानी में बहाते रहें।
  • दहेज में इलेक्ट्रिक सामान, नीले कपड़े और स्टील के बर्तन लें।

आठवें भाव का राहु सबसे ज्यादा अनिश्चितता लेकर आता है, इसलिए यहां छत न बदलने और बिजली के काम से दूर रहने जैसी सावधानियां बताई गई हैं, ताकि घर की पुरानी नींव को बिना वजह न छेड़ा जाए। जिन लोगों ने पुराना ढांचा बनाए रखा, उन्होंने घर में अचानक होने वाली परेशानियां कम होने की बात कही है।

नौवें भाव में राहु के उपाय

नौवां भाव पिता, भाग्य और धर्म का भाव है। राहु यहां हो तो घर का मुखिया बनने की जिद या पिता से दूरी जैसी स्थिति बन सकती है।

  • कुत्ता पालें।
  • परिवार का मुखिया बनने की कोशिश न करें।
  • चोटी रखें।
  • केसर का तिलक लगाएं।
  • सोना पहनें।
  • ससुराल वालों से अच्छे रिश्ते रखें।
  • संयुक्त परिवार में रहें।
  • धार्मिक स्थलों की यात्रा करते रहें।
  • घर की सीढ़ियों के नीचे गंदा पानी न बहने दें।
  • घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
  • वंचित लोगों का ख्याल रखें।
  • सरसों, तंबाकू आदि दान करें।
  • तंबाकू का सेवन न करें।

नौवां भाव भाग्य और परिवार में बड़ों के सम्मान का भाव है, इसलिए मुखिया बनने की जिद छोड़ने और संयुक्त परिवार में रहने की सलाह दी गई है, ताकि भाग्य की राह में रुकावट न आए। जिन्होंने परिवार के बड़ों का फैसला मानना शुरू किया, उन्होंने अपने कामों में रुकावट कम होने की बात बताई है।

दसवें भाव में राहु के उपाय

दसवां भाव करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा का भाव है। राहु यहां हो तो काम में बदनामी या भटकाव का डर बना रहता है।

  • सिर को बिना ढके न रखें।
  • नीले और काले के अलावा किसी और रंग की टोपी न पहनें।
  • मसूर दाल बहते पानी में बहाएं।
  • 4 किलो गुड़ पानी में बहाएं या दान करें।
  • नेत्रहीनों को भोजन कराएं।
  • मंगल ग्रह के उपाय करें।
  • कभी-कभी मिठाई और लाल कपड़ा दान करें।
  • अंधेरे कमरे में जौ दबाएं।
  • सरसों और तंबाकू दान करें।
  • झूठी गवाही न दें।
  • ससुराल वालों से अच्छे रिश्ते रखें।
  • घर या बरामदे में धुआं न होने दें।

दसवां भाव सीधे काम और प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए सिर ढककर रखने जैसी सलाह दी जाती है, यह आत्मसम्मान बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है। नेत्रहीनों को भोजन कराने की बात भी इसी भाव में बार-बार आती है क्योंकि यह भाव समाज के प्रति व्यक्ति की जिम्मेदारी को भी दिखाता है।

ग्यारहवें भाव में राहु के उपाय

ग्यारहवां भाव लाभ, आमदनी और इच्छाओं की पूर्ति का भाव है। राहु यहां अक्सर अचानक फायदा तो देता है, पर लालच और गलत फैसलों का खतरा भी साथ लाता है।

  • सोना पहनें।
  • केसर का तिलक लगाएं।
  • चांदी के गिलास में पानी पिएं।
  • गुरुवार को पीले कपड़े में लपेटकर चने की दाल दान करें।
  • गुरुवार को प्याज या लहसुन न खाएं।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान उपहार में दें।
  • हाथी के आकार का खिलौना न खरीदें।
  • चांदी की नली से सिगरेट पिएं (अगर सिगरेट पीते हों तो)।
  • घर के सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान चालू हालत में रखें।
  • नीलम की अंगूठी न पहनें।
  • नीले कपड़े न पहनें।
  • अपने पास या घर में कोई हथियार न रखें।
  • 4 किलो सिक्के नदी में बहाएं।
  • दहेज में कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान न लें।
  • बिना इस्तेमाल के बर्तन ढककर न रखें।

ग्यारहवां भाव कमाई और लालच दोनों से जुड़ा है, इसलिए यहां इलेक्ट्रॉनिक सामान और हथियार से जुड़ी कई सावधानियां बताई गई हैं, ताकि अचानक मिलने वाला फायदा बिना वजह के नुकसान में न बदल जाए। जिन लोगों ने घर के खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान ठीक करवाकर रखे, उन्होंने आमदनी में सुधार महसूस करने की बात कही है।

बारहवें भाव में राहु के उपाय

बारहवां भाव खर्च, नुकसान और परदेस का भाव है। राहु यहां हो तो पैसा हाथ से फिसलता रहता है और मन बेचैन रहता है।

  • अपनी आर्थिक हालत सुधारने के लिए अपनी कमाई का एक हिस्सा बहन, बेटी या बुआ को दें।
  • सौंफ को लाल रंग की छोटी थैली में भरकर अपने पास रखें।
  • रसोई में बैठकर खाना खाएं।
  • कोयला बहते पानी में बहाएं।
  • हाथी को मूली खिलाएं।
  • गले में चांदी का चौकोर टुकड़ा पहनें।
  • घर में चांदी का ठोस हाथी रखें।
  • बरामदे में धुआं न होने दें।
  • घर के पिछले हिस्से में अंधेरा कमरा बनवाएं।
  • मां सरस्वती की पूजा करें।
  • दहेज में इलेक्ट्रिक सामान लें।

बारहवें भाव का राहु खर्च और नुकसान बढ़ाता है, इसलिए कमाई का हिस्सा घर की महिलाओं को देने की सलाह दी जाती है, यह माना जाता है कि इससे पैसे का बेवजह बहना रुकता है। जिन लोगों ने यह उपाय अपनाया, उन्होंने महीने के आखिर में हाथ में पैसा बचने की बात साझा की है।


यह जानकारी लाल किताब की पुरानी परंपरा और सतीश चंद्र भट्ट के अनुभव पर आधारित है। हर कुंडली अलग होती है, इसलिए कोई भी उपाय अपनाने से पहले अपनी पूरी कुंडली किसी जानकार ज्योतिषी को दिखा लेना बेहतर रहता है।

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