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मंगल ग्रह के उपाय: लाल किताब के अनुसार हर भाव की पूरी जानकारी

मंगल ग्रह के उपाय: लाल किताब के अनुसार हर भाव की पूरी जानकारी

लाल किताब में मंगल को साहस, भाई-बहन और जोश का कारक माना गया है। जिस भाव में मंगल बैठता है, वहां का जोश या तो ताकत बनकर उभरता है या फिर गुस्से और जल्दबाजी के रूप में परेशानी खड़ी करता है। इसी वजह से हर भाव के लिए अलग उपाय बताए गए हैं। इस लेख में मंगल के सभी बारह भावों के उपाय दिए गए हैं, साथ में यह भी बताया गया है कि हर उपाय के पीछे सोच क्या है। यह जानकारी लाल किताब की परंपरा और सतीश चंद्र भट्ट के अनुभव पर आधारित है, और कई लोगों ने बताया है कि इनमें से कुछ उपाय अपनाने के बाद उन्हें अपने स्वभाव और घर के माहौल में फर्क महसूस हुआ।

पहले भाव में मंगल के उपाय

पहला भाव व्यक्ति की पहचान और स्वभाव का भाव है। मंगल यहां प्रतिकूल हो तो गुस्सा, जल्दबाजी और झूठ बोलने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

  • मुफ्त में कुछ भी स्वीकार न करें।
  • बुरे कामों से दूर रहें और झूठ न बोलें।
  • संतों, साधुओं या ओझाओं की संगति से बचें।
  • हाथी दांत से बने सामान का व्यापार न करें।
  • मंगल से जुड़ी चीजों का व्यापार करें।
  • नियमित रूप से महागायत्री मंत्र का जाप करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
  • लाल मूंगा पहनें, न मिले तो तांबा पहन सकते हैं।
  • अपने भाइयों का अच्छे से ख्याल रखें।
  • शुद्ध चांदी पहनना फायदेमंद रहेगा।
  • सौंफ के बीजों का व्यापार लाभकारी रहेगा।

पहले भाव का मंगल सीधे स्वभाव पर असर डालता है, इसलिए यहां मुफ्त की चीजें न लेने और झूठ से बचने जैसी सलाह दी गई है, ताकि मन में जो जोश है वह गलत दिशा में न बहे। जिन लोगों ने मूंगा पहनना शुरू किया और भाइयों का ख्याल रखा, उन्होंने अपने स्वभाव में शांति आने की बात कही है।

दूसरे भाव में मंगल के उपाय

दूसरा भाव धन, परिवार और वाणी का भाव है। यहां मंगल हो तो बोलने में तल्खी आती है, पर सही दिशा में इस्तेमाल हो तो धन भी अच्छा आता है।

  • बहते पानी में रेवड़ी और बताशा बहाएं।
  • बिजली के सामान का व्यापार तरक्की देगा।
  • भाइयों और दोस्तों की मदद करते रहें।
  • मंगल का फल अच्छा हो, इसके लिए हिरण पालें।
  • अपने पास लाल रंग का रुमाल रखें।
  • दोपहर के समय किसी छोटे लड़के को गेहूं और गुड़ दान करें।
  • घर में एक मछलीघर रखें।
  • सुबह उठते ही सबसे पहले शहद खाएं।
  • हलवा खाना या दूध पीना भी फायदेमंद रहेगा।
  • मूंगा पहनें, न मिले तो तांबा पहन सकते हैं।
  • चंद्रमा से जुड़ी चीजों का व्यापार अच्छा रहेगा।
  • ससुराल वालों के लिए पीने के पानी की टंकी बनवाना शुभ रहेगा।

यह भाव धन और वाणी दोनों से जुड़ा है, इसलिए मीठी चीजें बांटने और शहद खाने जैसे उपाय बार-बार आते हैं, ताकि मंगल की तीखी ऊर्जा मीठे स्वभाव में बदल जाए। कई लोग कहते हैं कि सुबह शहद खाने की आदत डालने के बाद उनकी बोलचाल में नरमी आई है।

तीसरे भाव में मंगल के उपाय

तीसरा भाव साहस और भाई-बहनों का भाव है। मंगल यहां हो तो साहस बढ़ता है, पर गुस्से पर काबू रखना जरूरी हो जाता है।

  • घर में हाथीदांत से बनी वस्तुएं रखें।
  • अपने गुस्से को कम करने की कोशिश करें।
  • अपने भाइयों की मदद करें।
  • बाएं हाथ के अंगूठे में चांदी की अंगूठी पहनें।
  • हाथीदांत से बनी वस्तुओं का व्यापार करें या इन्हें पहनें।
  • अपना आचरण अच्छा रखें।
  • कम खाएं, वरना सेहत पर बुरा असर पड़ेगा।
  • महागायत्री मंत्र का जाप करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
  • भोजन के बाद मेहमानों को मिठाई खिलाएं।
  • पानी में रेवड़ी बहाएं।

यह भाव सीधे साहस और भाई-बहनों के रिश्ते से जुड़ा है, इसलिए गुस्सा कम करने और खाने में संयम रखने पर जोर दिया गया है, ताकि साहस जिद में न बदल जाए। जिन लोगों ने भाइयों की मदद करना और गुस्से पर काबू रखना शुरू किया, उन्होंने घर में रिश्ते सुधरने की बात बताई है।

चौथे भाव में मंगल के उपाय

चौथा भाव मां, घर और मन की शांति का भाव है। यहां मंगल हो तो घर में बार-बार दुर्घटना या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।

  • रोज साफ पानी से दांत साफ करें।
  • पेट की समस्या हो तो बरगद की जड़ों में मीठा दूध डालें और उसी गीली मिट्टी से माथे पर तिलक लगाएं।
  • घर में बार-बार आग लगती हो तो छत पर चीनी या गुड़ की बोरी रखें।
  • घर के दरवाजे पर चांदी का चौकोर सिक्का लटकाएं।
  • लंबी बीमारी से बचने के लिए दरवाजे में लोहे की कील ठोकें।
  • तांबा, गुड़, गेहूं, चांदी, दूध आदि दान करें।
  • बुजुर्गों, संतों या साधुओं की देखभाल करें।
  • पक्षियों को मिठाई खिलाएं या घर में हाथी दांत की चीजें रखें।
  • 400 ग्राम रेवड़ी पानी में बहाएं।
  • सोना, चांदी और तांबा तीनों धातुओं से बनी अंगूठी पहनें।
  • अपने बड़े मामा का ख्याल रखें।
  • घर में ढाक का पेड़ लगाएं।
  • 400 ग्राम चावल दूध में धोकर लगातार 7 मंगलवार पानी में बहाएं।
  • गुड़ या शहद का व्यापार न करें।
  • मंगलवार को उपवास रखें।
  • महागायत्री के श्लोकों का जाप करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।

चौथे भाव का मंगल घर की सुरक्षा और पेट की सेहत दोनों पर असर डालता है, इसलिए यहां आग से बचाव और पेट के लिए बरगद की जड़ों वाले उपाय साथ-साथ दिए गए हैं। जिन घरों में दरवाजे पर लोहे की कील और चांदी का सिक्का लगाया गया, वहां बार-बार होने वाली छोटी दुर्घटनाएं कम होने की बात लोगों ने साझा की है।

पांचवें भाव में मंगल के उपाय

पांचवां भाव संतान और बुद्धि का भाव है। मंगल यहां हो तो संतान से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी हो सकती है।

  • रात को सोते समय पास में थोड़ा पानी रखें और सुबह किसी पौधे में डाल दें।
  • बेटे के दोस्तों से बात करते समय विनम्र रहें।
  • घर में नीम का पेड़ लगाएं।
  • अपने पूर्वजों का श्राद्ध करें।
  • अपना आचरण अच्छा रखें।
  • मंगलवार को व्रत रखें।
  • भोजन के बाद मेहमानों को मिठाई खिलाएं।
  • मूंगा पहनें, न मिले तो तांबा पहन सकते हैं।
  • अपने भाई का ख्याल रखें।

नीम का पेड़ लगाने और पूर्वजों का श्राद्ध करने की सलाह इसलिए है क्योंकि पांचवां भाव आने वाली पीढ़ी से जुड़ा है, और यह उपाय पुरानी और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए माना जाता है। जिन लोगों ने श्राद्ध नियमित रूप से किया, उन्होंने संतान से जुड़े फैसलों में मन शांत रहने की बात कही है।

छठे भाव में मंगल के उपाय

छठा भाव सेवा और प्रतिस्पर्धा का भाव है। मंगल यहां हो तो भाई-बहन और ससुराल के रिश्तों में तनाव आ सकता है।

  • छह अविवाहित लड़कियों को दूध पिलाएं।
  • चांदी या चावल दान करें।
  • अपने जीजा का ध्यान रखें।
  • बच्चे के जन्म पर मिठाई की जगह नमकीन चीजें बांटें।
  • अपने बच्चे को सोना न पहनाएं।
  • भगवान गणेश की पूजा करें।
  • महागायत्री मंत्र का जाप करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
  • भोजन के बाद मेहमानों को मिठाई खिलाएं।
  • अपने भाई का ध्यान रखें।

बच्चे के जन्म पर नमकीन चीजें बांटने और सोना न पहनाने की सलाह इस भाव में खास तौर पर दी जाती है क्योंकि छठा भाव मुश्किलों और प्रतिस्पर्धा का भाव है, और यह उपाय बच्चे को शुरुआत से ही अनावश्यक ध्यान खींचने से बचाने के लिए माना जाता है।

सातवें भाव में मंगल के उपाय

सातवां भाव विवाह और साझेदारी का भाव है। मंगल यहां हो तो रिश्तों में टकराव और स्थिरता की कमी हो सकती है।

  • अपनी मौसी या बहन को लाल कपड़ा उपहार में दें।
  • शनि को उच्च बनाने के लिए घर बनवाएं।
  • अपनी जेब में चांदी की एक ठोस गेंद रखें।
  • अपनी बेटी, बहन, मौसी और भाभी को मिठाई उपहार में दें।
  • एक छोटी दीवार बनाते और गिराते रहें।
  • भाई के बेटों का ध्यान रखें।
  • घर में सजावटी पौधे न लगाएं।
  • अपना आचरण साफ रखें।
  • मसूर दाल, शहद या सिंदूर दान करें या पानी में बहा दें।
  • मेहमानों को भोजन के बाद मिठाई परोसें।

छोटी दीवार बार-बार बनाने और गिराने की सलाह अजीब लग सकती है, पर यह इसलिए दी जाती है क्योंकि सातवां भाव रिश्तों में लगातार बदलाव और समायोजन का भाव है, और यह क्रिया उसी बदलाव को शांत तरीके से स्वीकार करने का प्रतीक मानी जाती है।

आठवें भाव में मंगल के उपाय

आठवां भाव अचानक होने वाली घटनाओं और गहरी उथल-पुथल का भाव है। मंगल यहां हो तो अचानक दुर्घटना या ननिहाल पक्ष से जुड़ी परेशानी आ सकती है।

  • एक तरफ से पकी आठ मीठी रोटियां कुत्तों को खिलाएं।
  • तीन धातुओं से बनी अंगूठी पहनें।
  • हमेशा गले में चांदी की चेन पहनें।
  • चार किलो रेवड़ी या बताशा पानी में बहाएं।
  • नानी से चांदी लेकर गले में पहनें।
  • किसी विधवा महिला की देखभाल करें।
  • मंगल का प्रभाव बहुत कमजोर हो तो शहद से भरा मिट्टी का बर्तन किसी एकांत जगह गाड़ दें; यह उपाय तभी काम करता है जब बृहस्पति या चंद्रमा तीसरे भाव में हों।
  • बुध मंगल का सबसे बड़ा शत्रु माना जाता है और जब यह मंगल के साथ मिल जाए तो ननिहाल पक्ष को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर मामा घर से दूर रहें, तभी यह टलता है। नाक छिदवाना भी जरूरी माना जाता है, और 100 दिनों तक नाक में चांदी पहनने से बुध का बुरा असर कम होता है।
  • विधवा महिलाओं से आशीर्वाद लें।
  • रसोई में बैठकर भोजन करें।
  • घर में एक अंधेरा कमरा बनवाएं।
  • किसी धार्मिक स्थल पर चावल, गुड़ और चना दान करें।
  • रोटी सेकने से पहले तवे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कें।
  • महागायत्री मंत्रों का जाप करें।
  • अपने भाई का ध्यान रखें।

इस भाव में सबसे ज्यादा उपाय बताए गए हैं क्योंकि यह भाव अचानक आने वाली मुश्किलों और ननिहाल पक्ष दोनों को छूता है, इसलिए मामा से जुड़ी सावधानी और चांदी से जुड़े कई उपाय एक साथ दिए गए हैं। जिन लोगों ने नाक में चांदी पहनने का उपाय अपनाया, उन्होंने अपने ननिहाल पक्ष में अचानक आने वाली परेशानियां कम होने की बात कही है।

नौवें भाव में मंगल के उपाय

नौवां भाव पिता, भाग्य और बड़े भाई-बहनों का भाव है। मंगल यहां हो तो बड़ों के सम्मान में कमी या भाग्य में रुकावट आ सकती है।

  • अपने पास लाल रुमाल रखें।
  • मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
  • दादाजी का ख्याल रखें।
  • बड़े भाई की बात सुनें।
  • भाभी के साथ अच्छा व्यवहार करें।
  • नास्तिक न बनें।
  • किसी धार्मिक स्थल पर चावल, गुड़ और दूध दान करें।
  • भोजन के बाद मेहमानों को मिठाई खिलाएं।

बड़े भाई की बात सुनने और भाभी से अच्छा व्यवहार रखने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि नौवां भाव परिवार में बड़ों के सम्मान से जुड़ा है, और यही सम्मान भाग्य को मजबूत करने का जरिया माना जाता है।

दसवें भाव में मंगल के उपाय

दसवां भाव करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा का भाव है। मंगल यहां हो तो काम में जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है।

  • हनुमान जी की पूजा करें।
  • मीठा भोजन करें।
  • अपने मामाओं का ध्यान रखें।
  • पैतृक संपत्ति और सोना न बेचें।
  • दूध उबालते समय ध्यान रखें कि वह बर्तन से बाहर न गिरे।
  • कुरूप, विकलांग और निःसंतान व्यक्ति की देखभाल करें।
  • महागायत्री मंत्र का जाप करें।
  • मंगलवार को उपवास रखें।

दूध को उबलते समय बर्तन से बाहर न गिरने देने जैसी छोटी सी सलाह भी इस भाव में इसलिए है क्योंकि दसवां भाव मेहनत के फल को संभालकर रखने का भाव है, और यह उपाय मेहनत से कमाई चीज को व्यर्थ न जाने देने का प्रतीक माना जाता है।

ग्यारहवें भाव में मंगल के उपाय

ग्यारहवां भाव लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का भाव है। मंगल यहां हो तो पैतृक संपत्ति को लेकर जल्दबाजी में फैसले हो सकते हैं।

  • काला-सफेद कुत्ता पालें।
  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
  • अपनी पैतृक संपत्ति न बेचें।
  • सिंदूर या शहद को मिट्टी के बर्तन में रखें।
  • संतान होने के बाद अपने देवर या भतीजे का ध्यान रखें।
  • मंगलवार को व्रत रखें।
  • मेहमानों को मिठाई खिलाएं।
  • अपने भाइयों का अच्छे से ख्याल रखें।

पैतृक संपत्ति न बेचने की सलाह इस भाव में खास तौर पर दी जाती है क्योंकि ग्यारहवां भाव लाभ का भाव है, और मंगल की जल्दबाजी में पुरानी संपत्ति बेचकर तुरंत फायदा लेने की सोच आ सकती है, जिसे यहां रोकने की सलाह दी गई है।

बारहवें भाव में मंगल के उपाय

बारहवां भाव खर्च और एकांत का भाव है। मंगल यहां हो तो गुस्सा या हथियार रखने जैसी आदतें खर्च और नुकसान बढ़ा सकती हैं।

  • लगातार 12 मंगलवार किसी वृद्ध ब्राह्मण को दूध में मिला हुआ शहद या गुड़ पिलाएं।
  • लगातार 12 मंगलवार किसी धार्मिक स्थल पर बताशा दान करें।
  • घर में किसी भी तरह का जंग लगा हथियार न रखें।
  • सूर्य को जल में मिला हुआ गुड़ अर्पित करें।
  • सिर पर पोनीटेल रखें।
  • चावल चांदी के डिब्बे में अपने पास रखें।
  • मिठाई खाएं और दूसरों को भी खिलाएं।
  • हर मंगलवार हनुमान जी के मंदिर में लड्डू चढ़ाएं।
  • अपने बड़े भाई का ध्यान रखें।
  • सुबह जल्दी शहद खाएं।
  • लाल रंग की टोपी पहनें।
  • पीले रंग के कपड़े पहनें।
  • भोजन के बाद मेहमानों को चीनी का टुकड़ा दें।
  • लाल मूंगा पहनें।

जंग लगा हथियार घर में न रखने की सलाह इस भाव में इसलिए दी जाती है क्योंकि बारहवां भाव नुकसान और अनदेखे खतरे का भाव है, और पुराना या जंग लगा हथियार उसी अनदेखे खतरे को बढ़ाने वाला माना जाता है। जिन लोगों ने घर से ऐसी चीजें हटाईं, उन्होंने घर में बेवजह की उलझनें कम होने की बात कही है।


यह जानकारी लाल किताब की परंपरा और सतीश चंद्र भट्ट के अनुभव पर आधारित है। हर कुंडली अलग होती है, इसलिए कोई भी उपाय अपनाने से पहले अपनी पूरी कुंडली किसी जानकार ज्योतिषी को दिखा लेना बेहतर रहता है।

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